6 अगस्त 2011 - 19:30

आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम ने कहा बहरैनी नागरिकों के लिए और अधिक स्वीकार योग्य नहीं है कि एक व्यक्ति का वोट 20 या 30 लोगों के बराबर हो और दूसरी तरफ से 20 या 30 लोगों के वोट की कीमत एक नागरिक के वोट के बराबर हो.

अहलेबैत(अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार उलेमाए बहरैन कमेटी के अध्यक्ष आयतुल्लाह शेख ईसा अहमद कासिम ने पिछले शुक्रवार अल-दराज़ क्षेत्र की मस्जिद इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम में रोज़ेदारों और नमाज़गुज़ारों को संबोधित किया. आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम के दोटूक और निर्दिष्ट भाषण के मुख्य बिंदु कुछ यूँ हैं:बहरैनी नागरिकों के लिए और अधिक स्वीकार योग्य नहीं है कि एक व्यक्ति का वोट 20 या 30 लोगों के बराबर हो  जनता को पश्चिम से कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए बल्कि उन्हें अपने संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए क्योंकि हम अपने संकल्प के माध्यम से ही अपने अधिकार प्राप्त कर सकते हैं. हम ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर सकते कि लोग प्रदर्शनों और धरनों में भाग के इल्ज़ाम में रोजगार से वंचित किए जाते रहें हम यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि बहरैनी जनता को काम से वंचित किया जाए और उनका काम विदेशों से आए किराए के एजेंटों के सुपुर्द किया जाए। ........166